Mock Location ऐप का इंटरफ़ेस
ऐप की चलती-फिरती कॉपी, सीधे आपके ब्राउज़र में: बटन दबाएँ, मैप खिसकाएँ, सूचियाँ खोलें। किनारों पर दिए नंबर बताते हैं कि हर हिस्सा क्या करता है, और नीचे पूरा लिखित परिचय है।
पसंदीदा और इतिहास सिंक करने के लिए साइन इन करें
ऐप की सभी स्थितियाँ एक पेज पर
MockLocation में एक स्क्रीन है और उसके ऊपर तीन पैनल। बाकी सब स्थितियाँ हैं: स्पूफ़िंग चालू है या नहीं, असली जगह भरोसेमंद है या नहीं, “पसंदीदा” टैब है या “सभी”। इंटरफ़ेस को उस स्थिति में लाने के लिए किसी कार्ड पर क्लिक करें।
मैप स्क्रीन: सारे कंट्रोल मैप के ऊपर
ऐप में कोई अलग “होम स्क्रीन” नहीं है — पूरी स्क्रीन पर मैप होता है, और बटन उसके ऊपर पारभासी गोलों के रूप में रहते हैं। यह लेआउट दिखावे के लिए नहीं चुना गया: स्पूफ़िंग लगभग हमेशा चलते-फिरते, एक हाथ से चालू की जाती है, इसलिए जो कुछ भी टैप करना होता है, वह स्क्रीन के निचले किनारे पर, अंगूठे की पहुँच में रखा गया है।
नीचे बाईं ओर स्पूफ़िंग बटन है — नकली जगह का एकमात्र स्विच। जब तक यह नारंगी है, सिस्टम सभी ऐप्स को असली जगह की बजाय आपका चुना हुआ पॉइंट देता है। दाईं ओर ज़ूम और अपनी जगह पर लौटने वाले बटन का कॉलम है। ऊपर संदेश है: यही एक जगह है जहाँ ऐप यूज़र से शब्दों में बात करता है — यहाँ सेटिंग की ज़रूरतें, चुने गए पॉइंट का पता और सिग्नल की गुणवत्ता से जुड़ी चेतावनियाँ दिखती हैं।
- स्पूफ़िंग बटन
- हल्का टैप नकली जगह चालू और बंद करता है। मैप पर “शुरू करें” का कोई अलग बटन नहीं है: पॉइंट मैप पर टैप करके लगता है, और यह बटन सिर्फ़ तय करता है कि स्पूफ़िंग चालू है या नहीं।
- खोज
- मैप के ऊपर खोज बार और सहेजी गई जगहों वाला पैनल खोलता है। नीचे का मैप धुंधला हो जाता है, पर दिखता रहता है।
- बोलकर डालें
- पता टाइप करने की बजाय बोलकर डालना: ऐप बोली को ऑफ़लाइन पहचानता है और बताया गया पॉइंट ढूँढता है।
- ज़ूम
- प्लस और माइनस। दबाकर रखने पर उंगली हटाने तक ज़ूम होता रहता है — लंबे ज़ूम में यह कई बार टैप करने से काफ़ी तेज़ है।
- मौजूदा जगह
- स्पूफ़िंग बंद हो, तो कैमरे को आपकी असली जगह पर लौटाता है और उसे फिर से जाँचता है। स्पूफ़िंग चालू हो, तो यही बटन कैमरे को नकली पॉइंट पर ले जाता है: इस मोड में फ़ॉलो करने के लिए कोई असली जगह नहीं होती।
- खाता
- साइन इन पैनल। खाता वेबसाइट के साथ साझा है, और यही फ़ोन की सूचियों को ऑनलाइन खाते से जोड़ता है।
- ऊपर का संदेश
- पहली बार चलाने से पहले — सेटिंग की ज़रूरतें; उसके बाद — चुने गए पॉइंट का पता और कोऑर्डिनेट। यह बटन भी है: टैप करने पर सिस्टम सेटिंग का सही सेक्शन खुलता है।
- मैप पर पॉइंट
- नीला गोला — सिस्टम के हिसाब से आपकी असली जगह। नारंगी पिन — वह पॉइंट जो स्पूफ़िंग चालू होने पर दूसरे ऐप्स को दिखता है।
खोज, पसंदीदा और इतिहास
खोज पैनल दो टैब वाली एक सूची है। “सभी” इतिहास है: हर वह पॉइंट जिस पर आपने कभी स्पूफ़िंग की, अपने-आप यहाँ आ जाता है। “पसंदीदा” — जिन्हें आपने खुद दिल से चिह्नित किया। खोज बार एक साथ जियोकोडर के ज़रिए पतों में और आपकी सहेजी गई एंट्री में खोजता है, इसलिए जानी-पहचानी जगह उसके नाम से मिल जाती है, पते से नहीं।
एक अहम बात, जो पहली नज़र में साफ़ नहीं है: सूचियाँ एक-दूसरे की नकल नहीं हैं, बल्कि उन्हीं एंट्री को देखती हैं। दिल इतिहास की एंट्री का गुण है, इसलिए “पसंदीदा” में हटाया गया दिल “सभी” में भी बुझ जाता है, दूसरी सूची अलग से साफ़ नहीं करनी पड़ती। साथ ही, एक ही पता अलग-अलग समय पर सहेजा जाए, तो वह दो अलग एंट्री बना रहता है: ऐप कोऑर्डिनेट को “वही जगह” नहीं मानता, वरना मैप पर लगभग एक जैसे कोऑर्डिनेट वाले पास-पास के टैप चुपचाप एक-दूसरे को मिटा देते।
नाम और आइकॉन वहीं बदले जाते हैं। लाइन को दबाकर रखने पर वह इनपुट फ़ील्ड बन जाती है — जियोकोडर से मिला पता शायद ही जगह के नाम जैसा पढ़ा जाता है, और नाम बदलने की ज़रूरत जितना लगता है उससे ज़्यादा पड़ती है। आइकॉन वाले चौकोर को दबाकर रखने पर 15 इमोजी की ग्रिड खुलती है: स्कूटर, कार, घर, दुकान — ताकि डिलीवरी के पॉइंट घर वालों से एक नज़र में अलग दिखें। “साफ़ करें” बटन पूरी सूची एक बार में मिटा देता है, लेकिन तुरंत “वापस लाएँ” बन जाता है — जब तक स्क्रीन खुली है, बदलाव पलटा जा सकता है।
मुफ़्त प्लान में सूचियों की सीमाओं के बारे में विस्तार से “जगहें, खोज और इतिहास” सेक्शन में बताया गया है।
खाता और सिंक
ऐप का खाता और वेबसाइट का खाता एक ही है। साइन अप और पासवर्ड रीसेट की पुष्टि ईमेल पर आए कोड से होती है, और साइन इन के बाद पसंदीदा और इतिहास दोनों दिशाओं में सिंक होने लगते हैं: फ़ोन पर किया गया बदलाव ऑनलाइन खाते में दिखता है, और ऑनलाइन किया गया फ़ोन पर।
प्लान का बैज वह नहीं दिखाता जो प्रोफ़ाइल में लिखा है, बल्कि वह जो इस समय पुष्ट है: खत्म हुई सदस्यता बिना इंटरनेट के भी सीमाएँ घटा देती है। और अगर फ़ोन और सर्वर पर सूचियाँ अलग-अलग बदली हैं — जैसे फ़ोन लंबे समय तक ऑफ़लाइन रहा — तो ऐप उन्हें चुपचाप नहीं मिलाता, बल्कि रुककर पूछता है कि किस दिशा में सिंक करना है। यहाँ चुपचाप मिलाने का मतलब होता डेटा का नुकसान, जिसके बारे में यूज़र को सबसे आखिर में पता चलता।
सदस्यता से असल में क्या मिलता है, यह प्लान वाले पेज पर बताया गया है, और डिवाइस व सिंक से जुड़े सवाल “खाता और सिंक” सेक्शन में इकट्ठा हैं।
छिपे मोड: बटन दबाकर रखने पर क्या होता है
कुछ सुविधाएँ दबाकर रखने पर रखी गई हैं, ताकि वे स्क्रीन पर जगह न घेरें। वे सब यहाँ दी गई हैं — ऐप में लोग उन्हें या तो संयोग से ढूँढते हैं, या इसी पेज से।
- स्पूफ़िंग बटन दबाकर रखें
- लॉक मोड: मैप और बटनों पर टैप काम करना बंद कर देते हैं, सिर्फ़ लाल बटन काम करता है। मतलब — “फ़ोन जेब में है और पॉइंट मेरे साथ चलता है”। बाहर निकलना भी उसी तरह दबाकर रखने से; इस मोड में हल्का टैप जान-बूझकर कुछ नहीं करता।
- जगह वाला बटन दबाकर रखें
- मैप चलने की दिशा के साथ घूमता है। स्पूफ़िंग चालू होने पर यह जेस्चर काम नहीं करता: उस मोड में कैमरा चुने गए पॉइंट का होता है।
- प्लस या माइनस दबाकर रखें
- जब तक उंगली बटन पर है, ज़ूम कदम-दर-कदम बदलता रहता है।
- सूची की लाइन दबाकर रखें
- एंट्री का नाम लाइन में ही बदलता है, बिना अलग डायलॉग के।
- एंट्री का आइकॉन दबाकर रखें
- इस एंट्री के लिए 15 आइकॉन की ग्रिड।
- ज़रूरतों वाला संदेश दबाकर रखें
- ऐसा आइटम छिपा देता है जिसे सेटिंग से पूरा नहीं किया जा सकता — जैसे जब फ़र्मवेयर ज़रूरी स्विच नहीं दिखाता।
आगे क्या
यह परिचय दिखाता है कि ऐप कैसा दिखता है और कहाँ क्या है। फ़ोन पर स्पूफ़िंग चलाने के लिए एक बार डेवलपर मोड चालू करना और मॉक लोकेशन ऐप चुनना होगा — स्टेप-बाय-स्टेप गाइड में सात चरण हैं और root की ज़रूरत नहीं है।
अगर फ़र्मवेयर बैकग्राउंड में ऐप बंद कर देता है और स्पूफ़िंग अपने-आप रुक जाती है, तो खास स्किन की गाइड देखें: Xiaomi (MIUI और HyperOS), Samsung Galaxy और Google सेवाओं के बिना Huawei।